हिंदू धर्म पर निबंध//essay on Hindu Dharm in Hindi

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हिंदू धर्म पर निबंध//essay on Hindu Dharm in Hindi

हिंदू धर्म पर निबंध//essay on Hindu Dharm in Hindi

इस लेख में आप लोगों को हिंदू धर्म पर निबंध बताएंगे। Essay on hindu dharm per nibandh इसमें आप हिंदू धर्म क्या है? इसका इतिहास, संप्रदाय, सिद्धांत, प्रमुख देवी देवता के विषय में पूरी जानकारी मिलेगी। तो आप लोग इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें। और अपने दोस्तों में ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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Table of contents 

1-Dhanu per nibandh kaise likhen?


2-हिंदू धर्म के बारे में कैसे लिखें?


3-हिंदू धर्म क्या है? महत्व


4-सरल शब्दों में हिंदू धर्म क्या है?


5-हिंदू धर्म की विशेषताएं


6-हिंदू धर्म का इतिहास


7-धर्म में पर निबंध


8-हिंदू धर्म कितना पुराना है.


9-hindu dharm kya hai.


10-Sanatan Dharm per ek nibandh likhen.

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हिंदू धर्म पर निबंध//essay on Hindu Dharm in Hindi
हिंदू धर्म पर निबंध//essay on Hindu Dharm in Hindi

हिंदू धर्म पर 100 शब्दों में निबंध

हिंदू धर्म या सनातन धर्म भारत का मुख्य धर्म है। माना जाता है कि हिंदू धर्म 4000 वर्ष से अधिक पुराना है। माना जाता है कि हिंदू धर्म प्राचीन आर्य समाज के वेदों के अनुसार विकसित हुआ है यह व्यक्ति या व्यक्ति द्वारा नहीं बनाया गया है बल्कि समय ने इस धर्म की स्थापना और प्रसार किया है।


वेदों को दुनिया की पहली लिखित पुस्तक माना गया है वेदों के अस्तित्व को पूरे विश्व में मानता प्राप्त है ऋग्वेद को चार वेदों में सबसे पुराना माना जाता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि वेदों में लिखे गए नियमों और कथनों का पालन करके ही हिंदू धर्म ने अपने नियम और मानदंड स्थापित किए हैं।


हिंदू धर्म पर 200 शब्दों में निबंध

हिंदू धर्म को सनातन धर्म के रूप में भी जाना जाता है। इसी दुनिया का सबसे पुराना धर्म कहा जाता है यह धर्म मनुष्य की उत्पत्ति से पहले भी उत्पन्न हुआ था ऐसा माना जाता है कि इसी वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म भी कहा जाता है।


इस धर्म के संस्थापक कौन हैं यह अभी भी विवादास्पद पर है क्योंकि विद्वान इसे भारत की संस्कृति और परंपराओं का मिश्रण मानते हैं। इस धर्म के कई अनुयाई है और इस आधार पर इसे दुनिया का तीसरा प्रमुख धर्म माना जाता है।


इसके अनुयाई भारत और नेपाल में है। और मॉरीशस में भी है यह वेदों पर आधारित है और इसलिए इसे वैदिक धर्म भी कहा जाता है। इंडोनेशिया में इसे हिंदू आगम भी कहा जाता है। हिंदू ना केवल एक धर्म है बल्कि मानवता और एकता के पैटर्न पर जीवन जीने के लिए कहता है।


सिंधु घाटी सभ्यता में हिंदू धर्म के प्रमाण मिलते हैं जिनसे कई देवताओं की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। प्राचीन ऋषि यों के अनुसार भारतवर्ष का नाम हिंदुस्तान रखा गया था जिसे बाद में हिंदुस्तान कहा गया हिंदू शब्द की उत्पत्ति सिंधु और हिमालय सबसे मानी जाती है हिमालय शब्द के पहले दो अक्षर और हिंदू शब्द संयुक्त शब्द के अंतिम तीन अक्षर।


What is Hinduism


हिंदू धर्म जिसे सनातन धर्म में कहा जाता है। विश्व का सबसे प्राचीन धर्म कहा जाता है। इस धर्म की उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से भी पहले हुई थी। ऐसा माना जाता है कि इसे वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म भी कहा जाता है।


इस धर्म का संस्थापक कौन है अभी विवादास्पद है क्योंकि विद्वान लोग इसे भारत की संस्कृति और परंपराओं का मिश्रण मानते हैं इस धर्म के अनुयाई बहुत से हैं और इस आधार पर इसे संसार का तीसरा बड़ा धर्म माना जाता है।


कई सारे देवी देवताओं को मानने के बावजूद यह धर्म एक ईश्वर वादी है इसके अनुयाई भारत और नेपाल में है इसके अलावा मॉरीशस में भी हैं। यह वेदों पर आधारित है इसलिए इसे वैदिक धर्म भी कहा जाता है इंडोनेशिया में इसे हिंदू आगम भी कहा जाता है। हिंदू न केवल एक धर्म है बल्कि मानवता और एकता की पद्धति पर जीवन जीने को बताता है।


हिंदू धर्म का इतिहास

यह धर्म अत्यंत प्राचीन माना जाता है लेकिन अभी भी विवादास्पद है। इसको लेकर आने को विद्वानों में मतभेद है आधुनिक इतिहासकारों के आधार पर इसकी उत्पत्ति हजारों वर्षों पुरानी बताई जाती है।


वही सिंधु घाटी सभ्यता में हिंदू धर्म के सबूत मिलते हैं। जिन से अनेकों देवी-देवताओं की मूर्तियां प्राप्त हुई है इसी सभ्यता के अंत के दौरान मध्य एशिया से एक अन्य जाति आर्य का जन्म हुआ। ऐसा कहा जाता है कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग आर्य रहे थे।


आर्यों की सभ्यता ही वैदिक सभ्यता है लोगों के अनुसार लगभग 1700 ईसा पूर्व आर्य कश्मीर पंजाब हरियाणा और अफगानिस्तान में आकर बस गई थे।


आर्यों की सभ्यता ही वैदिक सभ्यता है। लोगों के अनुसार लगभग 1700 ईसा पूर्व आर्य कश्मीर पंजाब हरियाणा और अफगानिस्तान में आकर बस गए। तब उन लोगों ने संस्कृत में वैदिक मंत्रों को लिखना शुरू कर दिया।


सर्वप्रथम इन लोगों ने चार वेदों की रचना की ऋग्वेद सामवेद यजुर्वेद और अथर्ववेद। जिसमें यजुर्वेद सबसे पुराना है। फिर इसके बाद उपनिषद की। हिंदू धर्म के अनुसार वेद और उपनिषद अनादि हैं।


भगवान की कृपा से अलग-अलग विद्वान ऋषि को अलग-अलग ग्रंथों का ज्ञान हुआ और उन्होंने इसकी रचना की कुछ समय बाद वैदिक धर्म में बदलाव आया। और भी अन्य धर्म का विकास हुआ नए देवी देवता को माना जाने लगा और आधुनिक हिंदू धर्म का जन्म हुआ।


प्राचीन ऋषि-मुनियों के अनुसार भारत वर्ष को हिंदुस्तान नाम दिया गया था जो बाद में हिंदुस्तान कहलाया। हिंदू शब्द की उत्पत्ति सिंदूरा हिमालय शब्द से मानी जाती है। हिमालय का पहला अक्षर हि इन्दु का 'न्दू'से ही हिंदुस्तान कहलाया।


इस समय वैदिक धर्म का ही अनुसरण किया जा रहा है और अन्य किसी धर्म का उदय नहीं हुआ था शुरुआत में लोग इसे अंग्रेजों द्वारा दिया गया शब्द मानने लगे। भाषा का ज्ञान रखने वाले लोगों ने कहा कि स ध्वनि ईरानी भाषा के ह में परिवर्तित हो गई है इसलिए सिंधु शब्द हिंदू में परिवर्तित हो गया।


यह पारसियों की भाषा अवेस्तन में परिवर्तित हुआ है। ईरानियों ने फिर लोगों को हिंदू धर्म नाम दिया। जबकि वेदों में पुराणों में शास्त्रों में हिंदू धर्म नहीं कहा गया है। इस धर्म को वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म कहा गया है।


हिंदू धर्म के संप्रदाय और सिद्धांत

हिंदू धर्म को लेकर कई लोगों के अनेक विचार हैं इसका कोई एक अकेला सिद्धांत नहीं है इस धर्म को अधिकतर हिंदू ही मानते हैं। इसमें सभी को बराबर श्रद्धा दी जाती है हिंदू धर्म के अनुसार सभी प्राणियों में आत्मा का निवास होता है।


हिंदू धर्म के चार प्रमुख संप्रदाय बताए गए हैं-


स्तार्त-जो भगवान के विभिन्न रूपों को एक ही मानते हैं।


शाक्त जो देवी को मानते हैं।


शैव जो शिव भगवान को मानते हैं।


वैष्णव जो विष्णु भगवान को मानते हैं।


प्राचीन काल और मध्य काल के समय संप्रदायों में झगड़ा हुआ करता था। मध्य काल के संतों ने आपसी मतभेदों को समझाया।


हिंदू धर्म के प्रमुख देवता

हिंदू धर्म के पांच प्रमुख देवता माने गए हैं।

सूर्य, विष्णु, शिव, शक्ति,। यह एक ही ईश्वर की अलग-अलग रूप है देवताओं के गुरु बृहस्पति जी को कहा गया है।


भगवान शिव जी की कठोर तपस्या से इन्हें देवगुरु का पद प्राप्त हुआ। इन्होंने अपने शक्तियों से देवताओं की रक्षा की। इसके अलावा दानवो के भी गुरु है। शुक्राचार्य ब्रह्मा देव की कृपा से इन्हें शुक्र ग्रह के रूप में पूजा जाता है।


हिंदू धर्म के अनुसार हर जीव में आत्मा का वास होता है जो विकार रहित हैं। श्रीमद्भागवत गीता में आत्मा के बारे में बताया गया है।


अर्थात आत्मा का किसी काल में न जन्म होता और ना ही यह मरती है। यह फिर उत्पन्न होकर पुनः होने वाली नहीं है। यह जन्म रहित हैं लगातार हैं और अनादि है शरीर का अंत होने पर भी यह नहीं मरती।


हिंदू धर्म ग्रंथों की अगर हम बात करें तो इन्हें दो भागों में बांटा गया है श्रुति और स्मृति श्रुति को सबसे बड़ा ग्रंथ माना जाता है जिसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता स्मृति ग्रंथों को बदल सकते हैं।


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