RBSE Board class 9th Sanskrit varshik paper 2024 || राजस्थान बोर्ड कक्षा 9वीं संस्कृत वार्षिक परीक्षा 2024

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RBSE Board class 9th Sanskrit varshik paper 2024 || राजस्थान बोर्ड कक्षा 9वीं संस्कृत वार्षिक परीक्षा 2024

RBSE Board class 9th Sanskrit varshik paper 2024 || राजस्थान बोर्ड कक्षा 9वीं संस्कृत वार्षिक परीक्षा 2024 

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम आपको राजस्थान बोर्ड कक्षा 9वीं संस्कृत का वार्षिक पेपर बताएंगे। दोस्तों अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो अपने सभी दोस्तों को share जरूर करिएगा।

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वार्षिक परीक्षा सत्र 2023-24

विषय - संस्कृत

कक्षा - IX(नवमीं)

समय - 3¼ घंटे                                 पूर्णांक - 70


निर्देश :-

1.सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रश्न के अंक प्रश्न के सामने अंकित है।

2.विद्यार्थी अपने नामांक प्रश्न पत्र पर अनिवार्यत: लिखें।



1. अधोलिखित प्रश्ननानाम् उचितं विकल्पं चित्वा लिखत –


(i) सरसाः रसालाः ……………. लसन्ति –

(अ) वसन्ते                                (ब) ग्रीष्मे

(स) हेमन्ते                                 (द) शिशिरे 


(ii) स्वर्ण काकः कान् अखादत् ?

(अ) गोद्यूनाम                                (ब) चणकान्

(स) तण्डुलान्                                (द) दहलनम्


(iii) नन्दिन्याः पाद प्रहारैः ………… रक्त रञ्जितः अभवत।

(अ) रामः                                   (ब) चन्दनः

(स) श्यामः                                  (द) गोविन्दः


(iv) संसारेडस्मिन कः अनश्वरः भवति ?

(अ) क्रोधः                                     (ब) अपकारः

(स) अपयशः                                  (द) परोपकारः


(v) वृक्षाः स्वयं कानि न खादन्ति?

(अ) फलानि                                 (ब) पत्राणि

(स) पुष्पाणि                                 (द) जलम्


(vi) कः तन्द्रालु भवति?

(अ) बालिका                                (ब) पुरुषः

(स) बालः                                    (द) वृद्धः


(vii) अशस्त्रः ……… आसीत् –

(अ) नकुलः                                   (ब) भीमसेन:

(स) युधिष्ठिर:                                 (द) उत्तरः


(viii) तुलाः कैः भक्षिता आसीत् –

(अ) मूषकै:                                   (ब) गजैः

(स) वानरैः                                    (द) मयूरैः


(ix) कः बाले विद्यां न अधीतवान् ……. ?

(अ) यशोदत्त:                                 (ब) रामदत्तः

(स) श्यामदत्तः                                (द) तपोदत्तः


(x) नीलकण्ठः शब्दे समास: अस्ति –

(अ) अव्ययीभाव:                          (ब) तत्पुरुष:

(स) बहुब्रीहिः                               (द) कर्मधारय:


2. कोष्ठकात् उचित विभक्ति युक्तम् पदं चित्वा वाक्य पूर्तिः क्रियताम् –


(i) लुब्ध्या ……… लाभस्य फलं प्राप्तम् (बालिका, बालिकया, बालिकायाः)


(ii) रामः ……… पटुतरः । ( मोहनेन, मोहनस्य, मोहनात्)


3. “क” भागेन सह “ख” भागस्य पर्याय पदानि उचितं मेलनम् कुरुत –


   “क”                                    “ख”

भ्रमराणाम             —               रसाल:

पवन:                  —                तीरे

आम्रम्                 —               अलीनाम् 

तटे                     —                समीर:


4. अधोलिखित पदानां संधि विच्छेद कृत्वा सन्धैः नाम आदि लिखत –

(अ) देवालय:                        (ब) रमेश:


5. अधोलिखित पदानां समास विग्रहं कुरुत –

(अ) प्रतिवारं                      (ब) कृष्णकाकः


6. निम्नांकित पदानां प्रकृति प्रत्यय लिखत –

(अ) क्रीडितुम्                      (ब) पीत्वा


7.अधोलिखित गद्यांशस्य हिंदी भाषायाम् अनुवादं कुरुत– 


प्रतिनिवृति काले स्वर्णकाकेन कक्षाभ्यन्तरात तिस्त्रः मञजूषा: तत्पुरः समुत्क्षिप्ता:। लोभाविष्टा सा बृहत्तमां इति श्रीमान् विद्याधरपति: वसति स्म। तस्य गृहोद्याने कुल क्रमागत: कल्पतरू: स्थित:। स राजा जीमूत केतुः तं कल्पतरुम् आराध्य ‘तत्प्रसादात् च बोधिसत्वांश सम्भवं जीमतम वाहनं नाम पुत्रं प्राप्नोत्।


8. अधोलिखितस्य श्लोकस्य हिंदी भाषायां अनुवादं लिखत –


प्रियवाक्य प्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।

तस्माद् तदेव वक्तव्यं वचने का दरिद्रता ।।

अथवा

“वहति मन्द मन्दं सनीरे समीरे 

कालिन्दा त्मजाया स्सवानीर तीरे,

नतां पंक्तिमालोक्य मधु माधवी नाम्।।

निनादय नवीनामय वाणि! वीणाम्”


9. क्रम रहितानां पञ्च वाक्यानां क्रम पूर्वकं सयोजनं कुरुत –


(i) घटे जलम् अल्पम् आसीत्।

(ii) एक: पिपासित: काक: आसीत्।

(iii) स: पाषाण खण्डानि घटे अक्षिपत जलं च उपरि आगतम्।

(iv) जलं पीत्वा काकः ततः अगच्छत्।

(v) स: वने एकम् घटम् अपश्यत।


10. स्व पाठ्य पुस्तकात् श्लोक द्धयं लिखत यद् अस्मिन् प्रश्नपत्रे  न स्यात्।


11. रेखांकित पदानि अधिकृत्य प्रश्न निर्माणं कुरुत –


(i) मोदकानि पूजा निमित्तानि रचितानि आसन्।

(ii) खलानां मैत्री आरम्भगुर्वी भवति।

(iii) ग्रामे निर्धना स्त्री अवसत्।


12. ‘गोदोहनम्’ इति कथाया: सारं हिंदी भाषायां लिखत।


13. निम्नलिखित प्रश्नेषु केषाञ्चिद चतुर्थ प्रश्नानां उत्तराणि संस्कृत भाषाया लिखत।


(i) जीमूतवाहन: कीदृशः आसीत्।

(ii) के मधु संग्रहव्यग्रा: अभवन्?

(iii) हंसेषु गतेषु केषां हानिः भवति?

(iv) जन्तवः केन तुष्यन्ति?

(v) भटः कस्य ग्रहणम् अकरोत्?


14. आत्मानं नवम्याः कक्षायाः राजेश इति मत्वा स्वप्रधानाचार्य: दिनत्रयस्य अवकाशार्थ प्रार्थना पत्र लिखत–


15. अधोलिखित मञ्जूषां प्रदत्त शब्द सहायता “ विद्याया महत्वम्’’ विषये वर्णनम् कुरुत–

मञ्जूषा ( धनम्, पापम्, भवति , विनयं, पात्रतां, प्राप्नोति, सुंदरं, संचयेन)

अथवा

संस्कृत भाषया एकं निबंधं लिखत –

(i) कोरोना काल:                        (ii) स्वतंत्रता दिवस:


16. अधोलिखित गद्यांशं पठित्वा एतदाधारित प्रश्नानां उत्तराणि यथा निर्देश लिखत –


संस्कृतभाषा संसारस्य प्राचीनतमासु भाषासु एका प्रसिद्धा भाषा अस्ति। प्राचीन काले सर्वेजनाः संस्कृत भाषाम् एव दैनिक कार्य वयवहरन्ति स्म। देव वाणी, गीर्वाणी, देवगिरा, सुरवाणी, सुरभाराती इत्यादीनि अस्या नामानि सन्ति। वेदेषु संस्कृतभाषायां प्राचीनं रूपं विद्यते। संस्कृत भाषायां मुराणानि च हिन्दूनां धर्मग्रंथा: अस्यां भाषायामेव व सन्ति। वाल्मीकेः रामायणं, वेदव्यासस्य महाभारतम् अन्ये चापि ग्रन्थाः संस्कृत भाषायां अमूल्य रत्नानि सन्ति। श्रीमद् भगवदगीता महाभारतस्यैव एकम् अंगम् अस्ति।


(i) उपर्युक्त गद्यांशस्य समुचितं शीर्षकं लिखत।

(ii) एक पदेन उत्तरम् लिखत –

(अ) संसारस्य प्राचीनतमासु भाषासु प्रसिद्धा का अस्ति?

(ब) संस्कृत भाषायाः प्राचीनतमं रूपं कुत्र विद्यते?

(स) कस्या भाषायाः साहित्यं प्राचीनतम् अस्ति?

(द) महाभारतस्य रचनाकारः कः अस्ति?


(iii) पूर्ण वाक्येन उत्तरम् लिखत –

(अ) संस्कृत भाषायाः अमूल्य रत्नानि कानि सन्ति?


(iv) निर्देशानुसारम् उत्तरम् लिखत –

(अ) “सुरवाणी’’ शब्दस्य एकं पर्यायं चित्वा लिखत ।

(ब) ‘’श्रीमद् भगवद् गीता महाभारतस्यैव एकम् अंगम् अस्ति।’’ वाक्ये कर्त्ता कः?

(स) गद्यांशात ‘’नवीनतमं’’ पदस्य विलोमपदं अन्विष्य लिखत।



17. अधोलिखितेषु वाक्येषु केषापाञ्चन पञ्च वाक्यानां संस्कृत भाषया अनुवादं करोतु –


(i) गांव के बाहर तालाब है।

(ii) बालक पढ़ता है।

(iii) वह फल खाती है।

(iv) मोहन विद्यालय जाएगा।

(v) मैं नवीं कक्षा में पढ़ता हूं।

(vi) राधा भोजन पकाती है।


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