what is calcium कैल्शियम क्या है?

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what is calcium कैल्शियम क्या है?

 what is calcium कैल्शियम क्या है?

कैल्शियम अधिक कैल्शियम किसमें होता है

कैल्शियम की कमी के लक्षण

कैल्शियम की कमी कैसे पूरी करें

कैल्शियम के कार्य


हेलो दोस्तों स्वागत है आज की नई पोस्ट में आज आपको बताने वाले कैल्शियम के बारे में कैल्शियम से जुड़ी बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां को देने वाले हैं तो हमारी पोस्ट पूरी पढ़े। 

मनुष्य में कैल्शियम सबसे प्रचुर मात्रा में खनिज है और हमारे शरीर के कुल वजन का लगभग 2% है। यह लगभग सारा कैल्शियम कंकाल में पाया जाता है और बाकी दातों, रक्त प्लाज्मा, शरीर के कोमल और तक को और बाह्म तरल पदार्थ में पाया जाता है।


what is calcium कैल्शियम क्या है?

शरीर में कैल्शियम की मुख्य भूमिका कंकाल को संरचना और मजबूती प्रदान करना है। यह संरचना मुख्य रूप से कैल्शियम फास्फेट के एक रूप द्वारा प्रदान की जाती है जिसे हाइड्रोक्सीपाटाइट क्रिस्टल कहा जाता है, जो कोलेजन में पाए जाते हैं। हड्डी की सतहों पर कैलशियम आयन शारीरिक तरल पदार्थों में मजबूत लोगों के साथ बातचीत करते हैं, इसलिए आयन एक्सचेंज को सक्षम करते हैं। रक्त में कैल्शियम मांसपेशियों में संकुचन, तंत्रिका आवेग संकेतन, हार्मोन संकेतन और रक्त जमावट जैसी प्रमुख शारीरिक प्रक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण नियामक  है।


कैल्शियम के स्रोत

कैल्शियम को आहार से प्राप्त करने की आवश्यकता होती है क्योंकि यह शरीर द्वारा निर्मित नहीं होता है। आहार में कैल्शियम के मुख्य स्त्रोत दूध, डेयरी उत्पाद और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ हैं जैसे खाने योग्य हड्डियों वाली मछली जैसे सार्डिन और एन्कोवी, बीन्स,टोफू, पालक वॉटरक्रेस और ब्रोकोली।

कुछ खाद पदार्थ कैल्शियम से भी समृद्ध होते हैं जैसे दूध, दही, नाश्ता अनाज, चावल और यहां तक कि बिस्कुट भी। कैल्शियम को पूरक के रूप में भी लिया जा सकता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं या बढ़ते बच्चों के लिए निर्धारित किया जा सकता है उदाहरण के लिए कमियों को रोकने के लिए।


कैल्शियम की कमी के लक्षण

कैल्शियम की कमी से हड्डियों का स्वास्थ्य खराब होता है और यह पर्याप्त कैल्शियम सेवन, खराब कैल्शियम अवशोषण या अतिरिक्त कैल्शियम हानि के कारण होता है जो सभी हड्डियों के खनिज करण को कम कर सकते हैं। ओस्टियोपोरोसिस और रिकेट्स जैसी हड्डियों की स्थिति विटामिन डी की कमी के कारण होती है जो कैल्शियम के हाथों के अवशोषण को पारित करती है और बदले में हड्डियों के खनिज करण की दर कम होती है इसलिए हड्डियां नरम लचीली और विकृत हो जाती है।



कैल्शियम की कमी को दूर करने के उपाय

कैल्शियम एक प्रकार खनिज है। यह शरीर की हड्डियों और दांतों को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभाता है जानकारों की मानें तो हड्डियों और दातों में शरीर का 99 फ़ीसदी कैल्शियम पाया जाता है वही 1 फ़ीसदी कैल्शियम शरीर के अन्य मुख्य कार्यों में मदद करता है।


शरीर को सेहतमंद रखने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। आवश्यक पोषक तत्वों में विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फाइबर, प्रोटीन, जिंक, सोडियम, पोटैशियम आदि प्रमुख पोषक तत्व शामिल है। इसमें किसी एक चीज की कमी से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। खासकर कैल्शियम की कमी से कई प्रकार की बीमारियां होती है। कैल्शियम की कमी से बच्चे और बड़े सभी प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो बच्चों के शारीरिक विकास में कैल्शियम की भूमिका होती है। इसकी कमी से शरीर की लंबाई नहीं बढ़ती है। वहीं वयस्कों में कैल्शियम की कमी से हाथों और पैरों में झुनझुनी यानी मांसपेशियों में दर्द दातों में जलन आदि लक्षण देखे जाते हैं। इसके लिए सही दिनचर्या का पालन संतुलित आहार और प्रतिदिन एक्सरसाइज जरूरी है। अगर आप भी कैल्शियम की कमी से परेशान है तो डाइट में को शामिल जरूर करें-


डेरी प्रोडक्ट्स का सेवन

कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए रोजाना डेयरी प्रोडक्ट्स का अधिक से अधिक सेवन करें। इसके लिए दूध, दही, पनीर, मक्खन आदि चीजों को डाइट में शामिल करें। वहीं, बच्चों को रोजाना एक गिलास दूध पीने की सलाह दे।


सीफूड का सेवन करें

सीफूड में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। साथ ही इसमें ओमेगा-फैटी एसिड पाया जाता है। इसके लिए सीफूड जैसे सैल्मन, टूना मेकरेल का सेवन कर सकते हैं। सीफूड के सेवन से कैल्शियम की कमी दूर हो जाती है।


हरी सब्जियां और फलों का सेवन करें

डॉक्टर हमेशा डाइट हरी सब्जियां और फलों को डाइट में शामिल करने के लिए कहते हैं। हरी सब्जियों और फलों में कैल्शियम पाई जाती है। इसके लिए डाइट में केल, पालक, सोयाबीन, ब्रोकली और संतरा आदि चीजों को जरूर शामिल करें।


कैल्शियम के कार्य

आम लोगों खासकर गठिया से पीड़ित रोगियों के मन में कैल्शियम को लेकर कई भ्रांतियां होती है कलियों रोगों से संबंधित हर बीमारी कौन से जोड़कर देखा जाता है हर टूटी हड्डी कैल्शियम की कमी की ओर ध्यान दिलाती है और हर दुख ताज और कैल्शियम खाने से ठीक होने की उम्मीद जगाता है लेकिन कैल्शियम के बारे में कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है।


  1. कैल्शियम की शारीरिक उपयोगिता

शरीर का 99% कैल्शियम हड्डियों में स्टोर रहता है, और उसी से आवश्यकतानुसार खून में घुलकर पहुंचता रहता है। खून में कैल्शियम की मात्रा 8.5 से 10.2 डेसी लीटर बनाए रखना जरूरी है। इससे ज्यादा या कम दोनों स्थितियां शरीर पर बुरा असर डालती है। कैल्शियम कई स्थानों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, हड्डियों और दातों को शक्ति देने के अलावा तंत्रिका और मांसपेशियों के सुचारू रूप से कार्य करने से लेकर रक्त जमने तक में कैल्शियम की बड़ी भूमिका होती है। इसके अलावा सभी कोशिकाओं के अंदर कई केमिकल रिऐक्शन्स में भी हिस्सेदारी करता है।


  1. कैल्शियम का विटामिन डी से संबंध

विटामिन डी, विटामिन कहलाने के बावजूद एक हार्मोन है। विटामिन नाम उन पदार्थों को दिया गया था जिनको मानव शरीर अपने भीतर अमूमन निर्मित नहीं कर पाता और उसे इसके लिए बाहरी स्त्रोतों की आवश्यकता होती है। लेकिन बाद में यह पाया गया कि मनुष्य की त्वचा सूर्य के प्रकाश की सहायता से विटामिन डी संश्लेषित कर लेती है इसलिए इसके लिए विटामिन नाम अनुकूल नहीं है। विटामिन डी का मुख्य काम कैल्शियम का आंथों द्वारा शोषण है। विटामिन डी की कमी होने पर शरीर में पाचन तंत्र खून में नहीं पहुंच पाता और निकल जाता है। लेकिन विटामिन डी की कमी होने पर भी रक्त के नमूनों में कैल्शियम की मात्रा सामान्य आती है, क्योंकि हड्डियों से आवश्यकतानुसार कैल्शियम ले लिया जाता है। ऐसे में कई बार जांच में नहीं चलता है।


  1. बिना जरूरत बार-बार कैल्शियम की जांच ना कराए

खून में कैल्शियम की मात्रा की जांच कराना बार-बार उचित नहीं होता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम की मात्रा कम नहीं दिखेगी अगर इसे कराना आवश्यक जान पड़े तो साथ में आयोनाइज्ड कैल्शियम की जांच करवाएं। खून के नमूने में मिलने वाला आयोन कैल्शियम की दरअसल जैविक रूप से शरीर के काम आ रहा होता है। उसी के स्तर में जानकारी मिलती है कि उपलब्ध कैल्शियम से वास्तव में कम है या नहीं।

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