61 Hindi short stories with moral for kids || बच्चों के लिए छोटी कहानियां 2023

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61 Hindi short stories with moral for kids || बच्चों के लिए छोटी कहानियां 2023

61 Hindi short stories with moral for kids | बच्चों के लिए छोटी कहानियां 2023

Hindi short stories : हेल्लो दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको बच्चों के लिए छोटी कहानियों का एक संग्रह देने वाले है अगर आप short story hindi में पढ़ना पसंद करते हैं तो आज का यह पोस्ट आपके लिए है क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको सबसे अच्छा hindi short story देने वाले है दोस्तों ऐसे तो कहानियाँ सुनना सभी को पसंद है लेकिन बहुत सारे कहानी है कौन सा कहानी पढ़ें इस पोस्ट में हम आपको सबसे अच्छा हिन्दी कहानी का एक संग्रह दिऐ है इस कहानी को एक बार जरूर पढ़ें 



दोस्तों इस पोस्ट में जितने भी hindi short story दिया गया है सभी short story से आपको कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिलेगा अगर आप short story hindi में पढ़ना पसंद करते हैं तो इस पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढ़ें इसमें आपको बहुत सारे कहानियों का संग्रह दिया गया है दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको कौन कौन सा कहानी देने वाले है नीचे आप देख सकते हैं 


101 Short Hindi stories with moral values – हिंदी कहानियाँ


दोस्तों इस पोस्ट में जितने भी कहानी दिया गया है उन सभी कहानी का हेडलाइन आप नीचे देख सकते हैं इस पोस्ट में हम आपको 9 hindi stories written में दिऐ है इस पोस्ट को जब अपडेट किया जाऐगा तब और भी hindi short story इस पोस्ट में शामिल किया जाऐगा 


Table of contents


61 Hindi short stories with moral for kids | बच्चों के लिए छोटी कहानियां 2023


101 Short Hindi stories with moral values – हिंदी कहानियाँ


1.दोस्त की मदद  ( Hindi short stories with moral for kids )


2. बुद्धिमान बच्चा ( Hindi short stories with moral for kids )


3. एक गलती ( Hindi short stories with moral for kids )


4. समझदार पिता ( Hindi short stories with moral for kids )


5. अमीर बेटा ( Hindi short stories with moral for kids )


6. सच्चा साथी ( Hindi short stories with moral for kids )


7. खुशहाल जीवन ( Hindi short stories with moral for kids )


8. अनुशासन का महत्व (Short Hindi stories with moral)


9. खतरे की तलाश 


निष्कर्ष :



1. दोस्त की मदद ( Hindi short stories with moral for kids )




एक दिन राम अपने दोस्त से मिलने गया। उसे देखकर दोस्त को पता चला कि राम बहुत चिंतित है। उसने पूछा, "तुम इतने चिंतित क्यों हो रहे हो?" राम ने उसे बताया कि उसके पास पैसों की कमी हो गई है और उसे अपने आज के खर्च के लिए कुछ नहीं है। दोस्त ने उसे आराम से समझाया कि यह समस्या तो अनेकों लोगों की होती है और इसका हल भी मौजूद होता है। उसने राम से बोला, "दोस्त, तुम घबराओ मत। मैं तुम्हारी मदद करूंगा।" दोस्त ने राम को अपने घर ले जाकर उसे अपने साथ बैठने को कहा। वह उसे अपनी माँ के साथ मिलवाया। माँ ने राम को देखकर पूछा, "तुम अपने दोस्त के साथ क्या कर रहे हो?"


दोस्त ने अपनी माँ से कहा, "मम्मी, राम को आज कुछ पैसे चाहिए। वह घर के खर्च के लिए उनकी मदद की माँग कर रहा है।" माँ ने राम से पूछा, "तुम इतने चिंतित क्यों हो रहे हो?" राम ने सब कुछ बताया और कहा, "मैं अपने खर्च के लिए कुछ पैसे चाहता हूँ। मुझे ये सब समस्ती के बिना अपने खर्च के लिए कुछ नहीं कर सकता।" माँ ने राम को बताया कि उसके पास एक उपाय है। वह उसे बताने लगी कि वह घर पर खाने की चीजें बनाना शुरू कर दे जो बाहर खाने से कम होती है। उसने राम को बताया कि वह अपने खुद के बाजार में सब्जियां, दाल और चावल खरीद सकता है और उनसे खाना बना सकता है।


राम ने उसकी सलाह मानी और घर लौट गया। वह उसने जो सीखा उसके अनुसार किया और खुद खाना बनाना शुरू कर दिया। वह अपने खुद के बाजार से सब्जियां और दाल लेकर खाना बनाने लगा। कुछ ही दिनों में, राम ने अपनी मुश्किल से निकलने की सफलता हासिल कर ली। उसकी मदद से दोस्त ने एक नई चीज सीखी और वह अब घर पर खाना बनाना शुरू कर दिया। दोस्त ने राम को धन्यवाद दिया और उसे बताया कि वह अब खुश है क्योंकि उसने अपनी मुश्किल से निकलने के लिए अच्छे उपाय अपनाए। दोस्त ने उससे कहा कि वह हमेशा खुश रहे और इस तरह अपनी समस्याओं से निकलते रहे।


उस दिन से राम ने सीख ली कि वह अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए उसके साथियों के साथ सहयोग कर सकता है। उसने यह भी सीखा कि धैर्य से काम लेने से उसे सफलता मिलती है। राम अब एक सफल व्यक्ति बन गया था जो जीवन में किसी भी मुश्किल से निकल सकता था।


2. बुद्धिमान बच्चा ( Hindi short stories with moral for kids )



एक छोटे से गांव में एक बुद्धिमान बच्चा रहता था। वह बच्चा दूसरे बच्चों से अलग था। वह हमेशा सोचता था कि वह बेहतर अंदाज में सोच सकता है और बेहतर फैसले ले सकता है। एक दिन, उसके गांव में एक बड़ा समस्या हुई। एक बाढ़ आई थी और उससे गांव के लोगों को बहुत पीड़ा हो रही थी। वह बच्चा ने सोचा कि वह इस समस्या को कैसे हल कर सकता है। उसने देखा कि बाढ़ की वजह से पानी गांव में आ रहा था। उसने सोचा कि वह इस समस्या का हल कर सकता है। उसने एक प्लास्टिक टंकी लाकर उसे उस स्थान पर रख दिया जहां से पानी आ रहा था। टंकी में पानी भरकर वह टंकी को अन्य स्थान पर ले गया जहां पानी की आवश्यकता थी।


इस तरह, वह बच्चा गांव के लोगों को पानी पहुंचाने में मदद करता रहा। उसका बुद्धिमान फैसला गांव के लोगों को समस्या से निपटने में मदद करता रहा और वह उनकी समस्या का समाधान करने में सफल हुआ। इस घटना से उस बच्चे ने यह सीखा कि जितना सोचा जाये, उतना ही समस्याओं का समाधान निकलता है। वह बच्चा अपनी बुद्धिमानी और निरंतर सोचने की शक्ति की वजह से एक समस्या का समाधान निकालने में सफल रहा। इससे उसने अपनी अद्भुत क्षमताओं की पहचान कर ली और उसने इस दुनिया में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अधिक उत्साह और समर्थन भी पाया।


वह बच्चा नहीं भूला कि समस्याओं का समाधान सोचने और सोचते रहने से होता है। उसने अपनी बुद्धिमानी का उपयोग करके दूसरों की मदद करना जारी रखा और उसने एक उद्यमी व्यक्ति की तरह दुनिया में अपना स्थान बनाया। उसने जीवन के हर क्षेत्र में अपनी बुद्धिमानी और निरंतर सोचने की शक्ति का उपयोग किया।


सीख - इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अपनी बुद्धिमानी का उपयोग करके हम दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं। हमें हमेशा सोचते रहना चाहिए कि कैसे हम दूसरों की मदद कर सकते हैं और समस्याओं को कैसे हल कर सकते हैं। इससे हम अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकते हैं और सफलता के रास्ते में आगे बढ़ सकते हैं।


3. एक गलती ( Hindi short stories with moral for kids )



एक बार एक छोटी सी लड़की थी जो बहुत ही समझदार थी। वह अपनी पढ़ाई में बहुत मेहनत करती थी और हमेशा अपने आस-पास की चीजों से सीखती रहती थी। एक दिन उसने अपने घर के सामने एक छोटी सी गलती कर दी। उसने अपने पॉकेट से निकाला हुआ थोड़ा सा सोना कहीं गिरा देखा। वह सोना उठाने गई तो उसे उसके बदले में एक झूठ बोलना पड़ा। बाद में जब उसने सोचा कि उसने इस झूठ की वजह से कितनी बड़ी गलती कर दी है, तो उसे बहुत पछतावा हुआ। उसने अपने माता-पिता से इस बारे में बताया तो वे उससे बहुत नाराज हो गए।


लेकिन बाद में उसने सोचा कि वह जो कुछ भी किया है, वह उसके जीवन के एक महत्वपूर्ण सीख है। उसने इस गलती से सीखा कि सच्चाई से हमेशा अच्छा होता है, चाहे उससे असुविधाएं हों या न हों। वह जान गई कि झूठ बोलने से सिर्फ दूसरों को गुमराह किया जा सकता है। इससे वह लड़की ने यह सीखा कि गलती से सीखना उसने इस गलती से सीखना नहीं बसाया बल्कि उसने अपनी यह गलती दूसरों के साथ न होने दिया। वह अब से सच्चाई का सम्मान करती थी और किसी भी स्थिति में झूठ नहीं बोलती थी। उसके माता-पिता भी उसे अपनी समझ बुझ और अच्छी आदतों की तारीफ करते थे।


यह उस लड़की के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया। वह अब से अपने जीवन में सच्चाई और ईमानदारी को अपने आदर्श मानती थी। उसने अपनी यह गलती एक सीख के रूप में स्वीकार की और उससे अपने जीवन को और भी बेहतर बनाने का फायदा उठाया। उस लड़की की यह बदली हुई सोच उसे बहुत सफलता दिलाई। वह एक उत्कृष्ट छात्रा बन गई और उसने बहुत से पुरस्कार जीते। वह अब भी सच्चाई और ईमानदारी का पालन करती है और अपने दोषों के लिए खुलकर स्वीकार करती है। उसने इस गलती से बहुत सीखा था और उसने अपने जीवन को अपनी सीख से भर दिया।


सीख - यह कहानी सीख देता  है कि हम सभी कभी-कभी गलतियों करते हैं, लेकिन इन गलतियों से हमें सीखना चाहिए। हमें अपने दोषों को स्वीकार करना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए। अगर हम अपने दोषों को स्वीकार करते हैं तो हम उनसे बेहतर बन सकते हैं। इसलिए हमें हमेशा ईमानदारी से अपने दोषों का सामना करना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए।


4. समझदार पिता ( Hindi short stories with moral for kids )



एक दिन एक छोटे से गांव में एक समझदार पिता रहता था। वह अपने बच्चों को पढ़ाई और उनकी उपलब्धियों में बहुत दिलचस्पी रखता था। उसने सभी बच्चों को समान ढंग से शिक्षा दी थी। एक दिन उसके दो बेटे लड़ रहे थे। एक बेटा अपने भाई के साथ खेल रहा था, जबकि दूसरा बेटा पढ़ाई कर रहा था। समझदार पिता ने देखा कि खेल रहे बेटे अपने भाई को बार-बार तंग कर रहे हैं।


पिता ने फिर से बेटों को अपने-अपने कमरे में बुलाया और उनसे पूछा कि क्या हुआ है। बेटा जो पढ़ाई कर रहा था, ने कहा कि उसे पढ़ाई करने में मन नहीं लग रहा है, क्योंकि उसका भाई उसे तंग कर रहा है। समझदार पिता ने उनसे अपने विचार साझा किए कि खेल रहे बेटे को उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं डालनी चाहिए।


उसने दोनों बेटों को साथ बुलाकर एक नया नियम बनाया। नियम यह था कि पढ़ाई करने वाले बेटे को खेल रहे बेटे को भी जोड़ लेना होगा। इससे खेल रह े बेटे को भी नई चीजें सीखने का मौका मिलेगा और दोनों बेटों के बीच अधिक मित्रता भी बढ़ेगी। समझदार पिता ने उन्हें बताया कि सफलता का मतलब यह नहीं है कि कोई एकमात्र काम ठीक से करें। अच्छी सफलता तभी मिलती है जब हम अपने सारे कामों में सक्षम होते हैं।


उस दिन से परिवार में एक नया माहौल बन गया और दोनों बेटे एक दूसरे के साथ बेहतरीन तरीके से खेलने लगे। वे अपनी पढ़ाई भी बढ़िया ढंग से करने लगे और उन्हें समय का भी पता नहीं चलता था। समझदार पिता ने इससे नहीं सिर्फ अपने बच्चों के बीच मित्रता बढ़ाई, बल्कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति भी सचेत किया।


सीख - इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि एक समझदार पिता हमेशा अपने बच्चों की चाहतों का ख्याल रखता है, लेकिन उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रखना चाहिए। अपने बच्चों को समय की अहमियत समझाना, उन्हें समस्याओं का सामना करने की क्षमता देना,


5. अमीर बेटा ( Hindi short stories with moral for kids )


एक बार एक अमीर व्यक्ति का एक बेटा था। उसके पास सब कुछ था, जिसे वह चाहता था। वह एक बड़े स्कूल में पढ़ता था और उसके पिता ने उसे हमेशा सब कुछ दिया था जो उसे चाहिए था। लेकिन बेटे को इस बारे में कुछ खटका था। वह हमेशा उस लड़के को देखता था जो उसके पास बस में खड़ा होता था। उस लड़के के पास कुछ नहीं था लेकिन वह हमेशा खुश दिखता था। बेटे को इस लड़के की खुशियों से बहुत प्रभावित होता था।


बेटे ने अपने पिता से बात की और कहा कि वह उस लड़के के जैसा होना चाहता है। पिता ने उसे समझाया कि धन के साथ सभी खुशियां नहीं मिलती हैं और वह उस लड़के के जैसा बनने के लिए उसे कुछ करना होगा। बेटे ने सोचा और अपने पिता की बात समझी। उसने इससे पहले कभी नहीं सोचा था कि वह इस दुनिया में कुछ कर सकता है। उसने अपनी पढ़ाई में ध्यान देना शुरू किया और अपने लक्ष्य के लिए कठिन मेहनत करना शुरू किया।


समय बीता और बेटे ने एक बहुत ही अच्छे स्कूल से ग्रेजुएट होने के बाद अपनी दुकान खोली और अपनी खुशियों को दूसरों के साथ साझा करना शुरू किया। बेटे ने उस लड़के के जैसे होने के लिए अपनी अमीरी के बजाय अपने दिल के साथ चलना सीखा। वह हमेशा खुश रहता था और उसके दिल में सबके लिए अच्छाई थी।


इस गलती से बेटे ने यह सीखा कि सफलता सिर्फ धन नहीं होती है, बल्कि उससे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है कि हम अपनी दुनिया में कुछ अच्छा करें। उसने इससे अधिक कुछ नहीं मांगा था और इससे उसे ज्यादा दिलासा मिला था। उसने अपनी दुकान को बढ़ाने के लिए अपने काम को बेहतर बनाने और उसे एक समाज सेवा केंद्र बनाने का निर्णय लिया। वह बेहतर सेवा देने के लिए अपने स्टाफ को भी तैनात करता था और उन्हें उनकी जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करता था।


इस तरह से बेटे ने न केवल अपनी दुकान को सफल बनाया बल्कि उसने एक समाज सेवा केंद्र की स्थापना भी की, जो लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न सेवाएं प्रदान करता था। इस गलती ने बेटे को यह सीखाया कि सफलता धन से नहीं आती, बल्कि उससे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है कि हम अपने जीवन में कुछ अच्छा करें और दूसरों की मदद करें। उसने इससे अधिक कुछ नहीं मांगा था और इससे उसे ज्यादा दिलासा मिला था।


बेटे ने यह सब सीखकर उसने अपनी दुकान को सफल बनाया और अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उसने दूसरों की मदद भी की। बेटे ने यह सब करके अपने परिवार के लिए एक अमीर बना लिया था, लेकिन उसे पता था कि धन और सफलता का असली मतलब अन्य लोगों की मदद करना होता है। अब बेटे ने एक बड़ा बंगला बनवाया और अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा था, लेकिन वह अपने समाज के लिए भी बहुत कुछ कर रहा था। उसने एक शिक्षा संस्थान खोला जहां गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती थी। उसने एक चिकित्सा केंद्र भी खोला जहां गरीबों को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती थीं।


बेटे ने यह सब करते हुए अपने पूरे समाज में एक सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। उसकी जानकारी का असर इतना था कि अब अन्य लोग भी उसके उदाहरण से प्रेरित हो रहे थे और वे भी अपने जीवन में कुछ अच्छा करने के लिए उसका उदाहरण ले रहे थे। बेटे ने अपनी एक गलती से कुछ सीखा था और उसने उससे ज्यादा कुछ मांगा नहीं था। वह जानता था कि सफलता और धन से ज्यादा महत्वपूर्ण ह...होता है दूसरों की मदद करना। वह इस बात को सच्चाई से समझता था कि अमीरी या धन की कमाई अकेले इंसान को खुश नहीं रख सकती, बल्कि दूसरों के साथ शेयर करने से ही संतुष्टि और खुशियां मिलती हैं।


उसकी एक गलती ने उसे सफलता और समझदार बनाया। वह अपने बच्चों को भी यही सिखाता था कि सफलता और संतुष्टि उन्हें सिर्फ धन और माल के अधिकार से नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें दूसरों की सेवा करने से मिलेगी। इस गलती ने उसे यह भी सिखाया कि गलतियों से सीखना बहुत जरूरी होता है। हम सभी गलतियों से बहुत कुछ सीख सकते हैं और उनसे बेहतर व्यक्ति बन सकते हैं। इसलिए, हमें हमेशा से सीखते रहना चाहिए और अपनी गलतियों से डरते नहीं होना चाहिए।


6. सच्चा साथी ( Hindi short stories with moral for kids )


एक समय की बात है, एक छोटा सा गांव था जहां दो दोस्त रहते थे। उनमें से एक किसान था और दूसरा उसका साथी जो शहर से आया हुआ था। दोनों ने एक साथ काम करना शुरू किया था। किसान को अपने खेतों की देखभाल करनी होती थी जबकि उसके साथी का काम शहर से सामान लाकर बेचना था। दोनों ने अपने काम के साथ-साथ एक दूसरे का मदद भी करना शुरू किया।


किसान के साथी ने उसे खेतों की देखभाल में मदद की, उसने उसकी फसल को बचाने में मदद की जब तक कि वह अपने शहर से वापस नहीं चला गया। बहुत समय बाद जब साथी शहर से लौटा तो उसने खुशी से देखा कि किसान ने उसकी फसल को अच्छी तरह संभाला है और उसने अपना काम भी ठीक से कर दिया है।


दोनों ने एक दूसरे की मदद करते हुए एक सच्चे साथी का रिश्ता बनाया था। यह सबक हमें यह बताता है कि एक सच्चा साथी हमेशा हमारे साथ होता है, हमें समर्थन देता है और हमें हमेशा उन बुरे समयों से बचाता है जो हमें अकेलेपन का अगले दिन, किसान अपने दोस्त को एक गांव के दूसरे किनारे ले गया जहां उसका एक फ़र्म था। उसने दोस्त को फ़र्म का दौरा दिया और उसे अपने खेतों के बारे में बताया। दोस्त ने देखा कि किसान किस तरह से अपने खेतों की देखभाल कर रहा था। उसे इस बात का अंदाजा लगा कि किसान बहुत समझदार है और उसके पास एक बड़ी सोच है।


दोस्त ने किसान से पूछा, "तुम्हारे पास इतने सारे खेत हैं और तुम उन्हें कैसे इस तरह संभालते हो?" किसान ने बताया कि उसके पास एक योजना है और उसके लिए वह नियमित रूप से काम करता है। उसने बताया कि वह अपने खेतों की जमीन को सही तरीके से बांटता है, उन्हें उपजाऊ बनाने के लिए उपयुक्त तरीके से खेत की तैयारी करता है, उन्हें उचित समय पर जल प्रबंधन करता है और बीज के लिए सबसे अच्छा उपलब्ध बीज खरीदता है।


दोस्त को इस बात से बड़ा संशय था कि उसके साथी कैसे इस तरह से समझदार हो सकता है। उसने किसन से पूछा, "तुम्हारे बेटे की सोच की बारे में क्या सोचते हो?" किसान ने बताया कि उसका बेटा भी उसी तरह समझदार है और उसके पास भी एक योजना है। उसने बताया कि उसका बेटा बचपन से ही खेतों में काम करता था और उसे खेतों की देखभाल के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला है।


वह अपने खेतों को सही तरीके से बांटता है, उन्हें उपजाऊ बनाने के लिए उपयुक्त तरीके से खेत की तैयारी करता है, उन्हें उचित समय पर जल प्रबंधन करता है और सबसे अच्छी बीजों का उपयोग करता है। इस सुनहरे अनुभव के बाद, दोस्त ने यह समझा कि समझदार होना सिर्फ शिक्षा या संपत्ति के बड़े मात्राओं से होता है, बल्कि व्यक्ति के मूल्यों और सोच के साथ संबंधित होता है। यह उसे एक अच्छा साथी और अधिकारी बनाता है।


उसने अपने दोस्त से कहा, "तुम्हारे किसान और बेटे की सोच मुझे बहुत पसंद आई है। उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है।" उसने उन्हें अपने जीवन के अनुभवसे संबंधित कुछ भी सिखाने के लिए धन्यवाद दिया और उनका सम्मान किया। दोनों दोस्त ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा और आपस में हंसते हुए चले गए।


सीख -  इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि असली समझदार व्यक्ति वह होता है जो अपनी सोच के साथ अपने कामों को सम्हालता है और जो अपनी नज़रिए को अपने जीवन के अनुभवों से बदलता है। यह समझदारी उसके समाज और संगठन में भी उचित सहयोग करती है।


7. खुशहाल जीवन ( Hindi short stories with moral for kids )


एक आदमी अपने जीवन में सफलता और खुशहाली चाहता था। वह अपनी आवाज को सुनते हुए कहता था, "मैं चाहता हूं कि मेरे जीवन में सफलता हो और मैं खुश रहूं। एक दिन, वह एक बुद्धिमान सभापति से मिला जो उसे उसके ख्वाबों के बारे में पूछता था। सभापति ने उसे कुछ बुद्धिमान सलाह दी जैसे कि अपने लक्ष्य के बारे में स्पष्टता रखें, अपनी क्षमताओं के अनुसार अपना काम चुनें और एक संगठित रूप से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। वह उस सलाह को अपने जीवन में लागू करने लगा। उसने अपने लक्ष्य को स्पष्ट कर लिया और अपनी क्षमताओं के अनुसार काम चुना। उसने अपने जीवन में एक संगठित रूप देना शुरू किया और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना शुरू किया।


धीरे-धीरे, उसके जीवन में सफलता आई। उसने अपनी कौशल को बढ़ाया, नई चुनौतियों से निपटना सीखा और नए उद्योगों को अपने जीवन में शामिल किया। उसके जीवन में खुशहाली आ गई राजेश ने हमेशा से एक खुशहाल जीवन जीने की इच्छा रखी थी। उसका मानना था कि एक खुशहाल जीवन के लिए उसे केवल स्वस्थ रहना ही नहीं बल्कि खुश रहना भी जरूरी होता है। उसकी इसी इच्छा को देखते हुए उसके मित्रों ने उसे एक नए दृष्टिकोण से जीवन को देखने के लिए प्रेरित किया।


राजेश को सलाह दी गई कि वह हर रोज अपने दिन को एक सकारात्मक नोट से शुरू करे और उसे अपने रसोई में चिपका दे। इस सकारात्मक नोट में उसे अपने सफलताओं, उन चीजों की सूची बनानी चाहिए जिन्होंने उसे खुश किया हो और वह अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए क्या कर सकता है, ये सब लिखने होते हैं। इसके अलावा, उसे अपने दिन को एक सकारात्मक स्पर्श देने के लिए योग, मेडिटेशन या ध्यान का अभ्यास करना चाहिए। इससे उसे एक शांत और सकारात्मक अवस्था में रहने में मदद मिलेगी।


राजेश ने इन सुझावों का पालन किया और उसके जीवन में बदलाव आया। उसने अपने सपनों को पूरवि अपने दोस्त विनय के साथ स्कूल से घर आ रहा था। दोनों दोस्त बातें कर रहे थे। उनकी बातचीत थोड़ी देर बाद एक प्रश्न पर आकर रुक गई। रवि ने विनय से पूछा, "तू क्या सोचता है, खुशहाल जीवन की परिभाषा क्या होती है?" विनय ने कुछ सोचा और बोला, "दोस्त, मेरे विचार से एक खुशहाल जीवन वह होता है जो दिल से जिया जाए। एक ऐसा जीवन जिसमें आपको अपनी मनपसंद चीज़ों का आनंद लेने में मजा आता हो, और जो आपको सकारात्मक रखता हो।


रवि ने विनय के विचारों से सहमति जताई और बोला, "हाँ, तुम सही कह रहे हो। एक खुशहाल जीवन वह होता है जिसमें आप अपनी ज़िन्दगी का हर पल खुशी से जीते हो।" दोनों दोस्त अपनी बातें करते करते घर पहुँच गए। उन्होंने खुशहाल जीवन की अहमियत समझी और अपनी ज़िन्दगी को एक नई दिशा दी। वे अब सोचते थे कि खुशहाल जीवन के लिए क्या करना होगा। रवि ने दिल से सोचा और फिर अपने दोस्त विनय से कहा, "विनय, मुझे लगता है कि खुशहाल जीवन जीने के लिए हमें सकारात्मक सोचने की आदत डालनी होगी। हमें अपने आसपास की समस्याओं को हल करने के लिए उत्साह से काम करना होगा।"


विनय ने बहुत सोचा और फिर कहा, "हाँ, तुम सही कह रहे हो, रवि। खुशहाल जीवन के लिए हमें अपने आसपास के लोगों की मदद करनी चाहिए। हमें उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें समाधान प्रदान करना होगा।" वे दोनों फिर से बातें करने लगे और अपनी ज़िन्दगी को सकारात्मक बनाने के लिए कुछ नए आदतें डालने के बारे में सोचने लगे। वे निरंतर सक्रिय रहने की नई आदत डालने के बारे में सोचने लगे थे और इससे उनकी ज़िन्दगी में नयी उमंग आने लगी थी। इस तरह रवि और विनय ने अपनी ज़िन्दगी में सकारात्मक बदलाव लाना शुरू कर दिया था।


8. अनुशासन का महत्व (Short Hindi stories with moral) 


एक बच्चे को अपनी माँ ने बताया कि उसे हर दिन उठकर दौड़ना चाहिए ताकि वह स्वस्थ रहे। बच्चा ने अपनी माँ की बात सुन ली लेकिन अगले दिन से ही वह उठता ही नहीं था। अपनी माँ ने बच्चे से पूछा, "तुम उठ क्यों नहीं रहे हो?" बच्चा ने उत्तर दिया, "मैं तो रोज़ उठता हूं लेकिन अभी तक दौड़ा नहीं हूं क्योंकि मुझे यह नहीं पता कि मुझे कितनी दौड़नी चाहिए।"


उसकी माँ ने उससे कहा, "बेटा, अगर तुम अपनी दौड़ को नियंत्रित नहीं करोगे तो तुम स्वस्थ नहीं रहोगे। अपनी दौड़ को नियंत्रित करने के लिए तुम्हें अनुशासन से काम लेना होगा।" बच्चा ने इस समझदारी से अनुशासन का महत्व समझ लिया और अब वह हर दिन नियमित रूप से दौड़ा करता है। उसे न केवल स्वस्थ रहने की संभावनाएं बढ़ीं, बल्कि उसने एक महत्वपूर्ण गुणवत्ता सीख ली थी जो उसे जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद करेगी।


इस प्रकार उसने अनुशासन के महत्व को समझा और उसके अनुसार अपना जीवन जीने लगा। उसने समय पर खाने-पीने का ध्यान रखा, अपने अध्ययन में ध्यान दिया और अपने दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए उनके साथ समय सारित किया। वह समय पर बिस्तर पर जाना और उठना शुरू कर दिया। इस तरह उसके जीवन में बहुत बदलाव आया। अब उसके पास न केवल अध्ययन के लिए समय होता था, बल्कि उसे खेलने और अपने दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए भी समय मिलता था। वह बहुत समझदार और सफल हो गया।


सीख-  इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अनुशासन हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण होता है। यदि हम अनुशासन के साथ जीवन जीते हैं तो हमें सफलता जरूर मिलती है।


9. खतरे की तलाश


एक जंगल में एक सामान्य गांव था। उस गांव में एक युवक रहता था जो जंगल में सफर करना बहुत पसंद करता था। एक दिन, उसने अपने दोस्तों के साथ जंगल में घूमने का फैसला किया। वे अपने साथ खाने का सामान ले गए थे। जंगल में घूमते हुए उन्होंने एक सुंदर झील देखी। वे झील के किनारे गए और वहां अपना खाना खाने लगे। वहां खाने के बाद, उन्होंने एक छोटी सी नदी देखी। नदी में पानी बहुत साफ़ था और युवक के मन में एक जांच करने का ख़याल आया।


उसने नदी में जाकर पानी का जांच किया। उसे लगा कि पानी बहुत साफ़ है लेकिन जैसे ही वह पानी से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, उसे कुछ चीजें अंदर से खींचने लगीं। युवक ने अपने दोस्तों से सहायता माँगी और उन्होंने साथ मिलकर उसे खींचा। बाद में पता चला कि नदी में कुछ डाकू छुपे हुए थे जो उन्हें जल में खींच रहे थे। यह घटना युवक के लिए एक सबक था कि हमें संभव खवह दोनों दिन जंगल में घूमते रहे, लेकिन बिना किसी खतरे के। रोहित उसे अपने घर तक चला लेकर गया और उसे अपने मित्र के साथ छोड़ दिया।


लेकिन उसके बाद से नील नहीं जान पाया। रोहित उसे ढूंढने के लिए पुलिस को भी जाना पड़ा, लेकिन कुछ नहीं मिला। नील का परिवार भी बेचैन हो गया था। रोहित ने सोचा कि उसने नील को किसी खतरे से बचाया था, तो कहीं वह उसी खतरे में तो नहीं फंस गया हो। रोहित ने फिर से जंगल में जाकर खोज शुरू की। वह अन्य लोगों को भी अपने साथ लेकर गया। वे सभी ध्यान से जंगल के अंदर जाने लगे।


फिर एक दिन, रोहित ने जंगल में एक नीचे गुजरने वाली छोटी सी गुफा देखी। उसने सोचा कि शायद नील यहां छिपा हो सकता है। वह और उसके साथी गुफा के अंदर जाकर देखने लगे। गुफा के अंदर जाते ही उन्हें नील मिल गया। वह बिल्कुल ठीक था, लेकिन भूखा और तृषित दिख रहा था। रोहित ने उसे अपने साथ ले जाना चाहता था सूर्य अब डूब रहा था और अंधेरा छाने लगा था। परिवार के सदस्य अब युवा लड़के के बारे में चिंतित होने लगे थे, जो कि कई घंटे से लापता था। वे हर जगह खोज कर देख लिए थे, लेकिन उसे कहीं भी नहीं मिला। माता-पिता चिंतित होकर अस्थिर हो रहे थे।


तभी उन्होंने पास के जंगल से एक हल्की आवाज सुनी। वे आवाज के दिशा में भागने लगे और अंततः वहाँ पहुँचे, जहाँ वहाँ एक छोटे से लड़के ने गहरे गड्ढे में गिर गया था। वह घायल हो गया था और हिल नहीं सकता था। माता-पिता ने तुरंत मदद के लिए बुलाया और एक रेस्क्यू टीम उसे गड्ढे से निकालने के लिए आयी। वे उसे जल्द से जल्द अस्पताल ले गए, जहाँ उसका इलाज किया गया। परिवार को राहत मिली कि उनका बेटा सुरक्षित और स्वस्थ है। इस घटना के बाद, युवा लड़का ने समझा कि सावधान रहने और अपने आसपास को जानने का महत्व क्या है। उसने समझा कि खतरा कहीं भी हो सकता है 


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निष्कर्ष :


दोस्तों आज की इस पोस्ट में आपने जाना Hindi short stories मै उम्मीद करता हूँ कि आपको short story hindi में पसंद आया होगा अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें अगर इससे संबंधित आपके मन में कोई सवाल है तो आप कमेंट जरूर करें दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको 9 Hindi short stories  दिऐ है जब इस पोस्ट को अपडेट किया जाऐगा तब और भी short story hindi में शामिल किया जाऐगा 




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