अनुशासन पर संस्कृत निबंध // (Essay on Anushasan in Sanskrit)

Ticker

अनुशासन पर संस्कृत निबंध // (Essay on Anushasan in Sanskrit)

अनुशासन पर संस्कृत निबंध // (Essay on Anushasan in Sanskrit)


अनुशासन पर संस्कृत निबंध // (Essay on Anushasan in Sanskrit)


अनुशासन पर संस्कृत निबंध // (Essay on Anushasan in Sanskrit)

अनुशासनम्


समाजे नियमानां पालनम् अनुशासनं भवति । जीवने अनुशासनस्य विशेषं महत्त्वं भवति । प्रत्येक पदे अनुशासनम् आवश्यकं भवति । अनुशासनं विना किमपि कार्य सफलं न भवति। छात्रेभ्यः अनुशासनं परमावश्यकम् अस्ति । अनुशासितः सर्वेभ्यः प्रियः भवति । सामाजिकव्यवस्थाहेतु अनुशासनं अत्यन्तावश्यकम् अस्ति । यस्मिन् समाजे अनुशासनं न भवति तत्र सदैव कलहः भवति। शिक्षकस्य अनुशासने छात्राः निरन्तरं उन्नतिपथे गच्छन्ति । प्रकृतिः अपि ईश्वरस्य अनुशासने तिष्ठति । यः नरः पूर्णतया अनुशासन पालयति सः स्वजीवने सदा सफलः भवति । अतः अनुशासनस्य पालनं जीवने बहु आवश्यकं भवति ।



हिंदी अनुवाद


समाज में नियमों का पालन करना अनुशासन है।  जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है।  हर कदम पर अनुशासन की जरूरत होती है।  अनुशासन के बिना कुछ भी सफल नहीं होता।  छात्रों के लिए अनुशासन जरूरी है।  अनुशासित व्यक्ति सभी को प्रिय होता है।  सामाजिक व्यवस्था के लिए अनुशासन जरूरी है।  जिस समाज में अनुशासन नहीं होता वहां हमेशा संघर्ष होता है।  शिक्षक के अनुशासन के तहत, छात्रों में सुधार जारी है।  प्रकृति भी ईश्वर के अनुशासन में रहती है।  पूर्ण अनुशासन में रहने वाला व्यक्ति अपने जीवन में हमेशा सफल होता है।  इसलिए जीवन में अनुशासन बनाए रखना बहुत जरूरी है।


इसे भी पढ़ें👇👇👇














👉शाहबाद शरीफ का जीवन परिचय


Post a Comment

और नया पुराने

inside

inside 2